Events
Events & Programs
-
रूढ़िगत परम्पारिक सामाजिक एवं न्यायिक संगठन‚ राजी पड़हा की राज्य इकाई ‘पादा पड़हा झारखंड’ का पुनर्गठन

गुमला जिला सिसई प्रखंड ग्राम पहान कामता में ‘राजी पड़हा भारत’ के राजी देवान श्रीमान फौदा उरांव की अध्यक्षता में दिनांक 12 अक्टुवर 2021, दिन मंगलवार को कामता स्कूल मैदान में बैठक किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथी राजी बेल श्रीमान बागी लकड़ा राजी पड़हा, भारत के बीच झारखंड राज्यर कमिटी का पुनर्गठन किया
-
जमशेदपुर में कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर संपन्न

दिनांक 27.09.2021 से तीन दिवसीय कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर, ट्रार्इबल कल्चशर सेन्टर, सोनारी, जमशेदपुर में सम्पंन्न हुआ। यह आयोजन, टाटा स्टील फाउन्डेशन, जमशेदपुर तथा सहयोगी संस्थान अददी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची एवं उरांव सरना समिति, चक्रधरपुर, प. सिंहभूम के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में, टाटा स्टील फाउन्डेशन,
-
डॉ रामदयाल मुण्डा की दसवीं पुण्यतिथि मनायी गई जनजातीय भाषा विभाग में

रांची : रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में आज पद्मश्री डॉ रामदयाल मुण्डा की दसवीं पुण्यतिथि मनायी गयी। विभाग के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों ने डॉ मुण्डा के तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संचालन प्राध्यापक किशोर सुरिन ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ सरस्वती गागराई ने किया। मौके
-
करम राजा (करम देव) की श्रद्धापूर्ण विदाई

यह विडियो ग्राम सैन्दा, थाना सिसई, जिला गुमला के करमा त्योहार का दूसरा दिवस, दिनांक 18-09-2021 दिन शनिवार का है। ग्राम सैन्दा में करमा त्योहार के पहले दिन‚ देर शाम में युवक-युवतियाँ उपवास कर श्रद्धा पूर्वक गाँव के करम पेड़ की तीन डालियां काट कर लाते हैं। करम डाली लाने हेतु उपवास किये हुए लड़के
-
झारखंड के सैन्दा गांव में ‘करमा बासी’ (करमा) त्योहार संपन्न

यह विडियो ग्राम सैन्दार‚ थाना सिसई‚ जिला गुमला के ‘‘करमा बासी” अर्थात करमा त्योहार का दूसरा दिवस‚ दिनांक 18-09-2021 दिन शनिवार का है। ग्राम सैन्दा में करमा त्योहार के पहले दिन‚ देर शाम में युवक-युवतियाँ उपवास कर श्रद्धा पूर्वक गाँव का करम पेड़ का तीन डाली काट कर लाते हैं। करम डाली लाने हेतु उपवास
-
आदिवासी कुंड़ुख़ विद्यालय, मंगलो, सिसई में करम पूर्व संध्या

दिनांक 15.09.2021 दिन बुधवार को कार्तिक उरांव आदिवासी कुंड़ुख़ विद्यालय, मंगलो, सिसई, गुमला में प्रांगन में स्कूगल के छात्र, शिक्षक एवं अभिदभवकों द्वारा संयुक्त रूप से करम पूर्व संध्या मनाया गया। इस अवसर पर सिसई प्रखण्ड् के प्रमुख सहित गांव के नवजवानों ने भी हिस्सा लिया और हिन्दीू, अंगरेजी तथा कुंड़ुख़ भाषा माध्य म के
-
कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण केन्द्र बिरसा नगर जमशेदपुर का उद्घाटन

दिनांक 04.09.2021 दिन शनिवार को दिन के 2.30 बजे आदिवासी उरांव समाज समिति‚ बिरसा नगर‚ जॉन न.– 6 जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउन्डेशन जमशेदपुर द्वारा कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण केन्द्र का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर टाटा स्टील फाउन्डेशण जमशेदपुर के कार्यपालक अधिकारी श्री शिवशंकर कांडेयोंग‚ कुंड़ुख़ तोलोंग सिकि के सर्जक डॉ. नारायण उरांव‚ ए.बी.एम.
-
कुंड़ुख़ लिपि पाठन केन्द्र का निरिक्षण एवं धुमकुड़िया उद्घाटन

दिनांक 29.08.2021 दिन रविवार को दिन के 12.00 बजे से 04.00 दिन में सिसई एवं भंडरा प्रखंड में कुंड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि (लिपि) पठन–पाठन केन्द्र का निरिक्षण‚ टाटा स्टील फाउन्डेशन‚ जमशेदपुर के कार्यपालक पदाधिकारी श्री शिवशंकर कांडेयोंग द्वारा किया गया। इस अवसर पर टाटा स्टील फाउन्डेशण‚ जमशेदपुर के कार्यपालक अधिकारी के साथ श्री बिरेन
-
कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण केन्द्र सीतारामडेरा (जमशेदपुर) का उद्घाटन संपन्न

दिनांक 25.08.2021 दिन बुधवार को दिन के 2.30 बजे आदिवासी उरांव समाज समिति पुराना सीतारामडेरा जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउन्डेशन जमशेदपुर द्वारा कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण केन्द्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर टाटा स्टील फाउन्डेशण जमशेदपुर के र्ट्राइबल हेड श्री जीरेन जे. टोपनो‚ कार्यपालक अधिकारी श्री शिवशंकर कांडेयोंग‚ कुंड़ुख़ तोलोंग सिकि के सर्जक डॉ.
-
जनजातीय भाषा विभागाध्यक्ष डॉ० मुण्डा द्वारा तोलोंग सिकि की पहली पुस्तक का लोकार्पण

दिनांक 13 अप्रैल 1994 को राँची कालेज‚ राँची के सभागार में सरना नवयुवक संघ‚ राँची के सौजन्य से आयोजित‚ सरहुल पूर्व संध्या के अवसर पर जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग‚ रांची विश्वविद्यालय‚ रांची के विभागाध्यक्ष सह भाषाविद डॉ० रामदयाल मुण्डा द्वारा तोलोंग सिकि (लिपि) की पहली पुस्तक ‘‘कुड़ुख़ तोलोंग सिकि अरा बक्क गढ़न’’ को लोकार्पित
Latest Posts
- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
- औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा… Read more: औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?
- हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि – “भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए” ।… Read more: हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ और समाधान के कुछ रास्ते