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रांची में आयोजित हुआ प्रथम धरती आबा फिल्म महोत्सव, देशभर की 52 फिल्मों का प्रदर्शन

रांची, 16 अक्टूबर 2025: रांची में 14 से 16 अक्टूबर तक भारत सरकार के आदिवासी कार्य मंत्रालय और झारखंड सरकार के कल्याण विभाग के सहयोग से “प्रथम धरती आबा आदिवासी फिल्म महोत्सव” का आयोजन किया गया। महोत्सव में पूरे भारत से प्राप्त फिल्मों में कुल 52 फिल्मों का चयन प्रदर्शन के लिए किया गया था
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मुड़मा जतरा 2025 : धूमिल संस्कार, मालामाल दुकानदार

दिनांक 8 और 9 अक्टूबर को लगने वाला मुड़मा जतरा आज मेला में तब्दील हो गया है,1984 ई में जब मैं मुड़मा जतरा गया था तब पूरे मैदान में जतरा के घोल नजर आ रहे थे। नागपुरी कलाकारों की मंच और उरांवों की खोड़हा कम से कम 30-35 रहा होगा, गगन भेदी मधुर मांदर नगाड़े
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ऐतिहासिक मुड़मा जतरा संपन्न

दिनांक 8-9 अक्टूबर 2025 ( झारखंड,राजकीय जतरा/मेला) में अंतरराष्ट्रीय सरना धर्मगुरु श्री बंधन तिग्गा ने घोषणा की “कुँड़ुख़ उराव भाषा की लिपि तोलोंग सिकि को देश के कोने-कोने तक पहुंचने के लिए तथा सामाजिक जन शिक्षा के मध्य के रूप में अनुमोदित एवं लोकार्पित करता हूं”। दिनांक 8.10.2025 दिन बुधवार को टीम धूमकुड़िया और अद्दी
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आज डॉ मुन्डा का जन्मदिन है! …नमन!

डॉ राम दयाल मुन्डा का जन्मदिन है आज। आप सबकी ओर से डॉ मुन्डा को नमन और बधाई !!!!
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आदिवासी दिवस 2025 : आदिवासी समुदाय केवल आंकड़े नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता के मूल स्तंभ हैं

9 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व आदिवासी दिवस (International Day of the World’s Indigenous Peoples) आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक, सामाजिक, और राजनीतिक पहचान को सम्मानित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक वैश्विक प्रयास है। आइए इसके इतिहास और वर्तमान स्थिति को विस्तार से समझें: इतिहास – 1982: संयुक्त राष्ट्र संघ
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आदिवासी महिलाओं का पैतृक संपत्ति पर सम्मान अधिकार पर चर्चा संपन्न

राम चरण बनाम सुखराम के हालिया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा “आदिवासी महिला का पैतृक संपत्ति में सम्मान हिस्सेदारी” की बात की है. इस फैसले पर आदिवासी महिलाओं का विचार जानने हेतु , “टीम धुमकुड़िया” और “अंतरराष्ट्रीय कुँड़ुख़र समाज” द्वारा संयुक्त रूप से 26.7.2025 दिन शनिवार समय शाम 7:45 से रात्रि 10:30 तक एक
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तीन दिवसीय आदिवासी सरना युवा प्रशिक्षण शिविर सराजपुर, सुंदरगढ़, उड़ीसा में सम्पन्न

दिनांक 13,14 और 15 जून 2025 को तीन दिवसीय आदिवासी सरना युवा प्रशिक्षण शिविर स्थान – सराजपुर, सुंदरगढ़, उड़ीसा में सम्पन्न हुआ। इस शिविर में शामिल होने के लिए मैं 24 घंटे में 605 किलोमीटर का दूरी तय करके प्रशिक्षण शिविर स्थान पहूंचा । इसके लिए मैं झारखण्ड के गुमला जिला के बिशनपुर थाना के सखुवा
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कुंडुख़ भाषा संस्कृति परम्परा ग्रामसभा विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न

दिनांक – 21.02.2025 से 23.02.2025 को (कुंडुख़ उरॉंव) समाज के लोगों के बीच में कुड़ुख़ भाषा संस्कृति परंपरा, ग्राम सभा विषयक कार्यशाला सम्पन्न हुआ। यह कार्यशाला टाटा स्टील फाउण्डेशन के सौजन्य से आयोजित हुआ। इस कार्यशाला का आयोजन, कुड़ुख़ भाषा सांस्कृतिक पुनरुत्थान केन्द्र बम्हनी, गुमला तथा अददी कुड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रॉंची के संयुक्त
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कुड़ुख़ भाषा संस्कृति परंपरा, ग्राम सभा विषयक कार्यशाला संपन्न

दिनांक – 21.02.2025 से 23.02.2025 को कुड़ुख़ (उरांव) समाज के लोगों द्वारा कुड़ुख़ भाषा संस्कृति परंपरा, ग्राम सभा विषयक कार्यशाला टाटा स्टील फाउण्डेशन के सौजन्न्य से सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला का आयोजन कुड़ुख़ भाषा सांस्कृतिक पुनरूत्थान केंद्र बम्हनी, गुमला तथा अद्दी कुड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची के संयुक्त संयोजन में किया गया। कार्यशाला के प्रथम
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- ओर- करम करम करले बहीन..आईज तारीख 08 मार्च 2026 दिन एतवार के कुड़ुख़ टाइम्स डॉट कॉम कर पुनह परकाशन कर बेरा में टी आर एल ब्लॉग ले उरांव अखरा से तीन गो गावल गीत के नागपुरी भखा में बताल हय। इके धेयान देवब और गुनगुनाब अपने मन सउब – 1 ओर छोट-मोटे तेतईर गे आयो,भिंजल छांहईर गे आयो ।2।घुराल… Read more: ओर- करम करम करले बहीन..
- झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?राँची के कोर्नेलियस मिंज को लोग करन कहते हैं. उनका परिवार सरना आदिवासी था लेकिन बाद में ईसाई बन गया. हालाँकि कोर्नेलियस के घर में अब भी कई लोग सरना हैं. यह परिवार साथ में सरहुल भी मनाता है और क्रिसमस भी. आपस में शादियाँ भी होती हैं. करन कहते हैं कि जब सरना और… Read more: झारखंड: क्या आदिवासियों को लालच में फँसाकर ईसाई बनाया जा रहा है?
- झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानितरांची: आज दिनांक 21.02.2026 दिन शनिवार को प्रेस क्लब रांची में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार सम्मान 2026 झारखंड के 9 साहित्यकारों के रचनाकारों के साथ ओल चिकि लिपि के रचयिता श्रद्धेय पं रघुनाथ मुर्मू तथा वरांग चिति के रचयिता श्रद्धेय कोल लाको बोदरा को मरणोपरांत उनके वंशजों को… Read more: झारखंड साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण 2026 – तोलोंग सिकि के जनक डॉ नारायण सम्मानित
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