आदिवासी शिक्षा और मातृभाषा : एक चर्चा (-डॉ नारायण उरावं)
‘‘शिक्षा और आदिवासी भाषा‘‘ एक गंभीर और संवेदनाील विषय है। इस विषय पर न तो समाज गंभीर है, न ही सरकार। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था सीधे तौर पर सरकार से संबंधित है और सरकार के पास भारतीय परिदृश्य में बहुत सारी जिम्मेदारियाँ है, जिसमें सर्वजन को समान अवसर प्रदान करने जैसी कठिन चुनौतियाँ हैं। ठीक इसके विपरीत, आदिवासी समाज बाहरी दबाव से इस तरह घिरा हुआ है कि वह अपना रास्ता ढूँढ नहीं पा रहा है। शिक्षा और आदिवासी भाषाविषय का तात्पर्य है - शिक्षा में आदिवासी भाषाविषय को शिक्षा का माध्यम बनाना अर्थात् Medium of Instruction घोशित करना। इस तरह शिक्षा का माध्यम घोशित होने की ार्त है नए सिरे से शिक्षक बहाली