बारिश में बढ़ा सांपों का खौफ, 2 महीने में 250 से अधिक रेस्क्यू; 30 मिनट में पहुंचेगी वन विभाग की टीम

मानसून की शुरुआत के साथ ही देवघर जिले के रिहायशी इलाकों में सांपों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। पहाड़ी और वनांचल क्षेत्र होने के कारण बारिश में बिलों में पानी भरने के बाद सांप सूखी और गर्म जगह की तलाश में घरों के आंगन, किचन और बेडरूम तक पहुंच रहे हैं। इस खतरे से निपटने के लिए वन विभाग ने एक समर्पित ‘स्नेक रेस्क्यू टीम’ तैनात की है, जिसने पिछले दो महीनों के दौरान 250 से अधिक सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा है।

सर्पदंश से 4 लोगों की मौत, झाड़-फूंक पड़ रही भारी

सांपों की बढ़ती सक्रियता के बीच सर्पदंश (स्नेकबाइट) के मामलों में भी तेजी आई है। देवघर सदर अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर के बीच सर्पदंश के 60 से 70 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 4 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में मोहनपुर की एक पंचायत मुखिया की भी सांप के काटने के बाद सही समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई।

आईसीएमआर (ICMR) और एम्स (AIIMS) के सहयोग से चल रहे ‘सर्पामित्रा’ कार्यक्रम के प्रोजेक्ट मैनेजर बीरेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में आज भी जागरूकता की कमी है। लोग सांप काटने पर तुरंत अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक और ओझा-गुणी के चक्कर में कीमती समय गंवा देते हैं, जिससे मरीज की स्थिति बिगड़ जाती है और मौत का खतरा बढ़ जाता है।

30 मिनट में मौके पर पहुंचेगी टीम, 112 पर दें सूचना

डीएफओ (DFO) अभिषेक भूषण ने बताया कि स्नेक कैच की बढ़ती कॉल्स को देखते हुए रेस्क्यू टीम को दो विशेष वाहन और पर्याप्त किट उपलब्ध कराए गए हैं। टीम को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सूचना मिलते ही आधे घंटे (30 मिनट) के भीतर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें।

वन विभाग का नंबर न होने की स्थिति में आम नागरिक आपातकालीन नंबर 112 पर भी सांप दिखने की सूचना पुलिस को दे सकते हैं, जिसे तुरंत वन विभाग की रेस्क्यू टीम को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

करैत, रसेल वाइपर और कोबरा जैसे जहरीले सांप हो रहे रेस्क्यू

वन विभाग के अनुसार, रिहायशी इलाकों से कॉमन करैत, बैंडेड करैत, रसेल वाइपर और स्पेक्टेकल्ड कोबरा जैसे बेहद जहरीले सांपों के अलावा धामन (रैट स्नेक) और अजगर (इंडियन रॉक पायथन) भी मिल रहे हैं।

वन विभाग की अपील: सावधानी ही बचाव

  • खुद पकड़ने की कोशिश न करें: घर या आसपास सांप दिखने पर उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें। तुरंत रेस्क्यू टीम या 112 पर संपर्क करें।
  • अस्पताल पहुंचे: सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के भ्रम में न पड़ें और मरीज को सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल (सदर अस्पताल या सीएचसी) ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है।

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